Category Archives: प्रेमचन्‍द

पहलू

जीवन की दुर्घटनाओं में अक्‍सर बड़े महत्‍व के नैतिक पहलू छिपे हुए होते है। — प्रेमचन्‍द
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वाद विवाद

कोई वाद विवाद जए विवाद का रूप धारण कर लेता है तो वह अपने लक्ष्‍य से दूर हो जाता है । — प्रेमचन्‍द

नमस्‍कार

नमस्‍कार करने वाला व्‍याक्ति विनम्रता को ग्रहण करता है और समाज में सभी के प्रेम का पात्र बन जाता है। —प्रेमचन्‍द 

विश्‍वास

यदि समाज को विश्‍वास हो जाए कि आप सच्‍चे सेवक है तो वह पीछे चलने के तैयार रहता है। — प्रेमचन्‍द