Category Archives: कतरन

साफ-सफाई

विश्व, खासकर विकासशील देशों के सामने स्वच्छ जल और साफ-सफाई की कमी एक बड़ी चुनौती है। यूनीसेफ के अनुसार, विश्व में जलजनित बीमारियों के कारण हर १५ सेकंड में एक बच्चे की मौत हो रही है। इस स्थिति से बचने के लिए जरूरी है कि स्वच्छ जल संभव हो, तो उबला हुआ पानी का सेवन करें।

असल खुशी

पेरिस स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के एक अध्ययन में पता चला है कि दूसरों से अपनी आमदनी का मुकाबला करने वाले लोग खुश नहीं रहते। अपने सहयोगियों या रिश्तेदारों का वेतन आंकने के बाद ऐसे लोग खुद को कमतर समझने लगते हैं और जल्दी ही अवसाद ग्रस्त हो जाते हैं। इसलिए आमदनी की तुलना से बचें।

स्वच्छ जल

दुनिया में इनसान की जीवन प्रत्याशा बढ़कर औसतन ६६ वर्ष हो गई है, जो १९६० की औसत दर से २० वर्ष अधिक है। इसी तरह, पिछले ३० वर्षों में बाल मृत्यु-दर भी आधी हुई है। पर आज भी विश्व के एक अरब ३० करोड़ लोगों को पीने का साफ पानी नहीं मिल पाता। ऐसे में, स्वच्छ जल की हर बूंद की कीमत समझिए। 

पेड़

एक पेड़ अपने जीवनकाल में लगभग एक टन कार्बन डाईऑक्साइड का अवशोषण कर हमें ऑक्सीजन देता है। अगर घर के आसपास र्प्याप्त संख्या में पेड़ हों, तो आप सिर्फ तरोताजा रहेंगे, बल्कि कमरों के वातानुकूलन पर खर्च होने वाली बिजली के बिल में भी १०१५ फीसदी तक कमी  जायेगी 

ध्यान

मेडिटेशन यानी ध्यान के लिए यूं तो कोई बंधा  नहीं है लेकिन फिर भी श्रेष्ठ परिणाम के लिए समय तय किया जाए तो बेहतर होता है। ध्यान के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है शांति और एकाग्रता। ये दोनों जब सुलभ हों, वह समय ध्यान के लिए सबसे अच्छा होता है। योगी के लिए समय का कोई बंधन नहीं है किंतु नए साधक (अभ्यासकर्ता) के लिए समय की मर्यादा तय की गई है। यह अभ्यास को मजबूत करने के लिए है। निश्चित समय पर ध्यान का अभ्यास करने से न सिर्फ संकल्प शक्ति दृढ़ होती है बल्कि सफलता भी आसान होती है। 
ध्यान के लिए प्रात:, मध्याह्न्, सायं और मध्यरात्रि का समय उचित बताया गया है। इन्हें संधिकाल कहते हैं। संधिकाल यानी जब दो प्रहर मिलते हैं। जैसे प्रात:काल में रात्रि और सूर्योदय, मध्याह्न् में सुबह और दोपहर मिलती है। सबसे उत्तम समय ब्रह्म  मुहूर्त (सूर्योदय से पहले का समय) का है। मान्यता है इस समय ध्यान करने से विशेष लाभ मिलता है। कारण कि रात में नींद पूरी होने से हमारे मन के विकार भी शांत हो चुके होते हैं। नींद से जागते ही ध्यान में बैठने से एकाग्रता बनती है