मित्र

मित्रों के बिना कोई भी जीना पसंद नहीं करेगा चाहे उसके पास शेष सब अच्छी क्यों ना हो! —अरस्तु
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About रौशन जसवाल विक्षिप्‍त

अपने बारे में कुछ भी खास नहीं है बस आम और साधारण ही है! साहित्य में रुचि है! पढ लेता हूं कभी कभार लिख लेता हूं ! कभी प्रकाशनार्थ भेज भी देता हूं! वैसे 1986से यदाकदा प्रकाशित हो रहा हूं! छिट पुट संकलित और पुरुस्कृत भी हुआ हूं! आकाशवाणी शिमला और दूरदर्शन शिमला से नैमितिक सम्बंध रहा है! सम्‍प्रति : अध्‍यापन

5 thoughts on “मित्र

  1. दिनेश पारीक

    आपका ब्लॉग देखा बहुत अच्छा लगा बहुत कुछ है जो में आपसे सिख सकता हु और भुत कुछ रोचक भी है में ब्लॉग का नया सदस्य हु असा करता हु अप्प भी मेरे ब्लॉग पे पदारने की क्रप्या करेंगे कुछ मुझे भी बताएँगे जो में भी अपने ब्लॉग में परिवर्तन कर सकूँगा में अपना लिंक निचे दे रहा हु अप्प कभी देख सकते है
    http://dineshpareek19.blogspot.com/
    http://vangaydinesh.blogspot.com/

    धन्यवाद्
    दिनेश पीक

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  2. डॉ. हरदीप कौर सन्धु

    मित्रों के बिना कोई भी जीना पसंद नहीं करेगा चाहे उसके पास शेष सब अच्छी क्यों ना हो!

    magar khiyaal rahe ke vo मित्र ..मित्र hi hon.. मित्र ke roop main dushman na hon.
    bahut baar मित्र kahalvane vale itnaa nuksaan pahuncha jate hain ki baki kii tammam umar aap kisi ko मित्र kahne se katrate hain.

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  3. दिनेश पारीक

    रंग के त्यौहार में
    सभी रंगों की हो भरमार
    ढेर सारी खुशियों से भरा हो आपका संसार
    यही दुआ है हमारी भगवान से हर बार।

    आपको और आपके परिवार को होली की खुब सारी शुभकामनाये इसी दुआ के साथ आपके व आपके परिवार के साथ सभी के लिए सुखदायक, मंगलकारी व आन्नददायक हो।

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